Sunday, May 1, 2016

A Hindi Poem: सालगिरह के अवसर पर:...

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तेरे बिना जीवन के हर रंग मे ख़ुशी थी,

  तेरे मिलने से रंगों में निखार आ गया !!

गर्मियों की तपती लू मे, पीपल की छाव अची लगती थी,

  तेरे मिलने से गरमीयों की कडकती धुप में खुमार आ गया !!!

बर्फ़िले जाड़े मे, आंगन की धुप दिल को लुभाथी थी, 

  तेरे मिलने से जाड़े की सकपकाती हवा मे करार आ गया !!

 

भाई की दोस्ती, माँ का प्यार, बहन का दुलार,

  यह था मेरा सुखी संसार,

तुझको पाने से संसार का आधार युगों तक बड गया,

  सुख का अह्सास, जीवन की हर राह पे मिल गया !!

 

जीवन की भाषा बदल गई,

   जिनदगी को नयी परिभाषा मिल गई,

घर में एक सूरज ला कर, दिनो मे जग्महट भर धी,

   एक चाँद को सजा कर, रातों को चांदनी दे दी

 

लोग कहते हैं, स्रष्टि मे एक भगवान् है,

   मेरे लिए एक ऊपर, एक घर में भगवान् है

सिरफ कुछ साल नहीं, सारी उम्र तेरा साथ मिले,

   सिरफ यह जनम नहीं, हर जनम तेरा साथ मिले !!!  

 

अमृत

3 comments:

  1. क्या बात उत्तम रचना "सुख का अहसास"

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  2. it must be a beautiful poem,god bless you

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